क्या आपने कभी मेहनत तो बहुत की, लेकिन धन हाथ में टिकता ही नहीं? 💸
क्या कमाई आते ही खर्च, बीमारी या कोई न कोई परेशानी सामने आ जाती है?
शास्त्र कहते हैं — धन केवल मेहनत से नहीं, संस्कार और कर्म से भी आता है।
अगर जीवन में बार-बार आर्थिक समस्या आ रही है, तो इसके पीछे कुछ आध्यात्मिक कारण हो सकते हैं।
आइए जानते हैं वे 7 कारण, जिनसे धन रुक जाता है।
🔔 कारण 1: माता-पिता और बड़ों का अपमान
शास्त्रों में माता-पिता को चलता-फिरता तीर्थ कहा गया है।
“जहाँ माता-पिता दुखी हों, वहाँ लक्ष्मी नहीं टिकती।”
अगर अनजाने में भी उनका अपमान हो रहा है, तो धन आते-आते रुक जाता है।
🔔 कारण 2: गलत तरीके से कमाया हुआ धन
छल, झूठ, धोखा या किसी का हक मारकर कमाया गया धन
जल्दी आता है — लेकिन और भी जल्दी चला जाता है।
कर्म का नियम कभी गलती नहीं करता।
🔔 कारण 3: घर में नकारात्मक वातावरण
रोज़ की लड़ाई, गाली-गलौच, अशांति और अव्यवस्था
लक्ष्मी को सबसे पहले दूर कर देती है।
जहाँ शांति नहीं, वहाँ समृद्धि नहीं।
🔔 कारण 4: दान न करना या कंजूसी
धन बहता है तभी बढ़ता है।
जो व्यक्ति सिर्फ जोड़ता है, बाँटता नहीं —
उसका धन रुक जाता है।
दान का अर्थ केवल पैसा नहीं, सम्मान, समय और सहायता भी है।
🔔 कारण 5: सुबह देर तक सोना और आलस्य
शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को लक्ष्मी का समय कहा गया है।
जो व्यक्ति आलस्य में डूबा रहता है,
उसके पास अवसर आकर भी लौट जाते हैं।
🔔 कारण 6: नकारात्मक सोच और ईर्ष्या
“उसके पास इतना क्यों है? मेरे पास क्यों नहीं?”
ऐसी सोच धन को आकर्षित नहीं, बल्कि दूर भगाती है।
लक्ष्मी वहाँ आती हैं जहाँ कृतज्ञता होती है।
🔔 कारण 7: ईश्वर को पूरी तरह दोष देना
केवल भगवान को दोष देना और स्वयं कोई प्रयास न करना —
यह भी गरीबी का एक बड़ा कारण है।
ईश्वर साथ देता है, लेकिन चलना हमें ही पड़ता है।
🌼 एक छोटी सी कहानी
एक व्यक्ति रोज़ लक्ष्मी माता से धन माँगता था।
एक दिन स्वप्न में माता ने कहा:
“तू हाथ फैलाने में विश्वास करता है, हाथ बढ़ाने में नहीं।”
उस दिन से उसने कर्म बदले — और भाग्य भी बदल गया।
🙏 समाधान क्या है?
✔️ बड़ों का सम्मान करें
✔️ ईमानदारी से कमाएँ
✔️ घर में शांति रखें
✔️ थोड़ा-सा दान जरूर करें
✔️ सकारात्मक सोच रखें
✨ धन पहले मन में आता है, फिर तिजोरी में।
❓ आपको इनमें से कौन-सा कारण सबसे सही लगा?
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